- कृष्ण की चेतावनी रामधारी सिंह दिनकर - कविता कोश
वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है,
- Poem By Ramdhari Singh Dinkar- Krishna Ki Chetawani || कविता By रामधारी . . .
वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है,
- वर्षों तक वन में घूम घूम… रश्मिरथी रामधारी सिंह ‘दिनकर’ Rashmirathi . . .
कृष्ण की चेतावनी वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता
- कृष्ण की चेतावनी – रामधारी सिंह दिनकर - Geeta-Kavita
कृष्ण की चेतावनी वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता
- रश्मिरथी - वर्षों तक वन में घूम-घूम कविता - रामधारी सिंह दिनकर
वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है,
- कृष्ण की चेतावनी (रश्मिरथी)-रामधारी सिंह दिनकर-हिन्दी काव्य कोश
Hindi Kavy Kosh वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है,
- वर्षों तक वन में घूम-घूम, कृष्ण की चेतावनी || रामधारी सिंह दिनकर . . .
Lyrics in Hindi वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी
- कृष्ण की चेतावनी रश्मिरथी | रामधारी सिंह दिनकर | वर्षों तक वन में घूम . . .
वर्षों तक वन में घूम-घूम,बाधा-विघ्नों को चूम-चूम,सह धूप-घाम, पानी-पत्थर,पांडव आये कुछ और निखर।सौभाग्य न सब दिन सोता है,देखें, आगे क्या
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